आपके सहयोग हेतु कार्यकारी प्रणाली (Executive System)
हमारे पैनल में अनुभवी पटवारी, राजस्व निरीक्षक (R. I.), राजस्व न्यायालय के जानकार अधिवक्ता, एवं कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Tehsildar) के द्वारा आपकी सभी डाक्यूमेंट्स को देख कर उचित निर्णय एवं उचित प्रक्रिया अपनाने हेतु मार्गदर्शन दिया जाता है |
अधिवक्ता:- एक एडवोकेट राजस्व न्यायालय की कार्यवाही की अहम पहलू होता है |भूमि विवाद से संबंधित सभी कानून की जानकार , अपने क्षेत्र में सुप्रसिद्ध Advocate जे के हमारी इस पैनल में आपको त्वरित और निष्पक्ष मार्गदर्शन देने हेतु उपलब्ध है | आप ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करके कंसल्टेंसी ले सकते हैं |
राजस्व निरीक्षक (R. I.):- अपनी भूमि का सीमांकन, रकबा मिलान, या बंटवारे के बाद स्थल निरीक्षण हेतु एक राजस्व निरीक्षक शासन की महत्वपूर्ण कड़ी होता है | कई जगहों पर देखा गया है कि अपने प्लाट के विभाजन के बाद केवल हमारे पास दस्तावेज होते हैं उसकी सीमा पता नहीं होता, या फिर क्षेत्रफल दस्तावेज से मैच नहीं कर पाता | हमारे पैनल में स्थल निरीक्षण में निपुण आर आई बी. एन. जांगड़े सर इस विषय पर आपकी मदद हेतु कार्यरत है |
राजस्व पटवारी :- भूमि संबंधित कार्य प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी राजस्व पटवारी, जमीन हक से संबंधित फौती, नामांतरण, आपसी विभाजन, और हक अर्जन में कार्यरत होते हैं | हमारे पास जो भी दस्तावेज उपलब्ध है उसके अनुसार किसी भूमि/ या प्लाट पर हमारा कितना हक/हिस्सा है, उसको प्राप्त करने की क्या शासकीय प्रक्रिया है, कितना समय लग सकता है इन सब विषयों पर निष्पक्ष जानकारी देने हेतु हमारे पैनल में पटवारी डी. पी. कश्यप उपलब्ध है |
कार्यकारी मजिस्ट्रेट :- इन सबके अलावा विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय मजिस्ट्रेट ही देते हैं | क्या हो यदि हमारे दस्तावेज देखते ही हमें यह उचित सलाह मिल जाए कि अंतिम निर्णय हमारे पक्ष में आने वाला है, और इस केस में लगभग इतना समय लग सकता है, तब हम पूरे विश्वास से अपना दावा कर पाते हैं, और हम इधर उधर के बहकावे में आने से अपना समय और पैसा दोनों बचा सकते हैं |


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